बढ़ाएं अपने स्मार्टफोन की स्पीड

स्मार्टफोन का शौक़ीन कौन नहीं है। आजकल शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके पास स्मार्टफोन न हो। स्मार्टफोन हमारी जरुरत बन चुका है। स्मार्टफोन से हमारे कई काम आसान हो जाते हैं। स्मार्टफोन के जरिए हम अपने मेल चेक कर सकते हैं, सोशल मीडिया से जुड़े रह सकते हैं।




इतना ही नहीं किसी अंजान जगह पर जाने में मैप्स हमारी मदद करते हैं। हम अपने फ़ोन में कई तरह के गेम खेल सकते हैं, डाउनलोडिंग कर सकते हैं और भी काफी कुछ। लेकिन कई बार हमारा स्मार्टफोन इन सब लोड के चलते काफी स्लो हो जाता है। जिससे हमें खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।

अपने स्मार्टफोन का फर्मवेयर अपडेट करें
अपने स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाने के लिए आप अपने फ़ोन का फर्मवेयर अपडेट कर सकते हैं। ये आपके फ़ोन बग्स को फिक्स करता है। नए फीचर्स को जोड़ता है और अन्य चीजें जो आपको नहीं पता हो उन्हें भी ठीक करता है। इसलिए इसे टाइम पर करते रहना सही होगा।


अपने फोन को रिसेट करें
आप अपने फ़ोन को रिसेट कर सकते हैं। इससे आपका फोन फिर से वैसे ही हो जाएगा जैसे कि पहले था जब आप उसे खरीदा था। लेकिन ये एक टेम्पररी ऑप्शन है।

इंटरनल मेमोरी चेक करें
अपने फ़ोन की इंटरनल मेमोरी को चेक करें। कई बार इंटरनल मेमोरी में स्पेस कम होने की वजह से भी फोन स्लो होने लगता है। आप अपने फ़ोन से म्यूजिक, पिक्चर्स आदि को मेमोरी कार्ड में सेव कर सकते हैं।

क्लीनिंग एप
फोन की स्लो स्पीड को फिर से बढ़ाने के लिए गूगल प्ले स्टोर में कई तरह की एप्स मौजूद हैं। आप इन एप्स को डाउनलोड कर अपने फोन को क्लीन कर सकते हैं।

Widgets ऑफ करें
Widgets आपके फोन में लाइव अपडेट्स देते रहते हैं। ये इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल कर आपकी फोन स्क्रीन पर लाइव अपडेट्स भेजते हैं। ऐसे में फोन स्लो काम करने लगता है। साथ ही, ये बैटरी भी कन्ज्यूम करता है। अगर आप इन लाइव अपडेट्स का इस्तेमाल नहीं करते तो फोन स्क्रीन से इन्हें रिमूव करें। स्लो स्मार्टफोन फास्ट हो जाएगा।


बैकग्राउंड प्रोसेस
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐप्स अपने आप अपडेट होते रहते हैं। इसमें बैकग्राउंड प्रोसेस चलते ही रहता है। इससे फोन स्लो होता है और बैटरी भी जल्दी खत्म होती है। इसके लिए आप Limit background processes ऑप्शन पर जाकर इसमें से केवल 1 या 2 प्रोसेस को सिलेक्ट करें।

पावर ऑफ
हफ्ते में कम से कम 1 बार अपना फोन रीस्टार्ट करें। इंटरनेट के इस्तेमाल से कई सारे जंक फाइल्स फोन में सेव हो जाते हैं ऐसे में फोन की स्पीड कम हो जाती है। रीस्टार्ट करने से फोन की ये समस्या खत्म होती है और इसकी स्पीड बढ़ जाती है।

अतिरिक्त एप्स को अनइंस्टाल करें
अपने फ़ोन से उन सभी एप्स को अनइंस्टाल कर दें जिनकी आपको ज्यादा जरुरत नहीं है। ये एप्स फोन में काफी स्पेस लेती हैं और साथ ही फोन की स्पीड कम कर देती हैं।

ईमेल आईडी को हैक होने से कैसे बचाएं ये हैं

गत कुछ वर्षों से भारत में आनलाईन डॉटा हैकिंग काफी बढ़ गई है। 2012 में भारत में एक पिज्जा रिटेलर साइट टर्किश हैकर ग्रुप ने हैक कर ली थी। बिजनेस स्टैंटर्ड की माने तो इसमें लगभग 37,0000 एकाउंट्स हैक किए गए थे, जिसमें कस्टमर्स के नाम, फोन/मोबाईल नंबर, ईमेल आईडी व पासवर्ड थे। आज के समय में साईबर सुरक्षा बहुत ही जरूरी है। कुछ समय पहले ही महानायक अमिताभ बच्चन का ट्विटर अकाउंट हैक कर उसपर सेक्स ​वेबसाइट के लिंक पोस्ट किए जाने लगे जिसके बारे में स्वयं बच्चनजी ने जानकारी दी।


आज बढ़ती तकनीक ने सबकुछ ऑनलाइन कर दिया है। जहां यह एक ओर सुविधाजनक हुआ है तो दूसरी ओर आपके डॉटा के हैक होने की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है जिसके बारे में सतर्कता बहुत ही जरूरी है। बिल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और खरीदारी तक सबकुछ इंटरनेट से होने लगा हैं। अब तो जरूरी जानकारियां भी ईमेल पर ही होती हैं। ऐसे में, यदि आपकी ईमेल आईडी हैक हो जाए तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। अतः बचाव के लिए आपकी सर्तकता बहुत जरूरी है। इसके लिए निम्न 10 उपाय अपनाकर आप अपनी ईमेल आईडी को हैकिंग से बचा सकते हैं।


पासवर्ड बदलते रहें
कोशिश करें कि नियमित अंतराल पर 1-2 माह में अपने पासवर्ड को बदलते रहें। प्रयास करें कि प्रत्येक बार नया पासवर्ड बनाएं। संवेदनशील जानकारियां जैसेकि वित्तीय, क्रेडिट/डेबिट कार्ड व हेल्थ आदि का पासवर्ड अन्य से अलग रखें। इसका उपयोग दूसरी साइट्स में न करें। पासवर्ड बनाते समय अल्फान्यूमैरिक व स्पेशल कैरेक्टर्स आदि का उपयोग करें। पासवर्ड बनाते समय सिक्योरिटी प्रश्न और उत्तर को अधिक स्ट्रांग रखने की कोशिश करें। लंबे समय से प्रयोग न होने वाले खातों या सोशल नेटवर्किंग साइट को बंद कर दे ताकि हैकर इसका फायदा न उठा सके।

ड्युल सिक्योरिटी 
ईमेल अकाउंट को अधिक सुरक्षित रखने के लिए डुअल सिक्योरिटी का सहारा ले। इसमें जब भी आप ईमेल खोलने के लिए आईडी और पासवर्ड डालेंगे तो आपको एक अडिशनल कोड मोबाइल पर मिलेगा। इसके उपयोग के बाद ही मेल ओपन होगा। मोबाईल में किसी दूसरे के सिम का उपयोग न करें।

एंटी वायरस का करे 
उपयोग मोबाईल, टैब, कंप्यूटर आदि में नियमित रूप से एंटी वायरस एप्लिकेशन का उपयोग करें और समय-समय पर डाटा को स्कैन भी करते रहें।

अन्य स्थानों पर न खोले अपनी ईमेल आईडी 
अपने ईमेल आईडी अनजान पीसी जैसे साईबर कैफे, पुस्तकालय, मित्र या रिश्तेदार के पीसी व मोबाइल आ​दि पर न खोलें। इससे भी ईमेल आईडी हैक होने का खतरा बन जाता है। मजबूरी में यदि दूसरे के पीसी/मोबाईल का इस्तेमाल करना भी पड़े तो प्राइवेट ब्राउजिंग का सहारा लें। इससे आपके ईमेल आईडी व व्यक्तिगत विवरण के हैक होने का खतरा कम हो जाएगा।


मजबूत पासवर्ड 
कोशिश करें कि आपकी ईमेल आईडी का पासवर्ड अलग किस्म का, लंबा, अंग्रेजी के छोटे और बड़े दोनों तरह के अक्षरों का कॉम्बिनेशन, अल्फान्यूमैरिक व स्पेशल कैरेक्टर्स सहित हो। पासॅवर्ड में स्पेस बार का उपयोग करें। अलग-अगल आईडी के लिए भिन्न-भिन्न पासवर्ड का उपयोग करें।

ओपेन वाईफाई के उपयोग से बचें 
कोशिश करें कि ओपन वाईफाई का उपयोग न करें। इसमें आपके मोबाइल, कंप्यूटर और टेबलेट में वायरस भेजा जा सकता है जिससे उनके हैक का खतरा बढ़ जाता हैं। वाईफाई हॉटस्पॉट को खुला न छोडें। अपने मेल या एसएमएस में भी अपने आईडी या पासवर्ड का उपयोग न करें।

अनजान ईमेल खोलने से परहेज 
अलग सब्जेक्ट वाली अनजान ईमेल को न खोलें। चूंकि यह वायरस हो भी सकता है जोकि आपके ईमेल अकाउंट तथा डाटा को हैक कर सकता है। मोबाईल से ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करते हैं तो कई बार ऐसा वायरस आपके बैंक अकाउंट तक को हैक कर लेता है। इनाम या लॉटरी वाली ईमेल पर कभी क्लिक न करें। इससे आपकी मेल हैक होने की पूरी संभावना होती है।

मोबाईल यूज से पहले और बाद अगर आप मोबाईल रिपेयर के लिए देते हैं या फिर बेचते है तो कोशिश करें कि फैक्ट्री डाटा रीसेट या हार्डबूट करें। दूसरी ओर, अगर नया मोबाईल लेते है तो ईमेल आईडी सेट करने से पूर्व जांच लें कि उसमें कुछ पहले से न हो।

ब्लूटूथ बंद रखें 
मोबाईल का ब्लूटूथ सदैव ऑन न रखें। जरूरत के समय ही इसे ऑन करें। ब्लूटूथ को हमेशा ऑन रखने से भी वायरस का खतरा रहता है।

साइड लोडिंग से करें परहेज 
प्रायः यूजर्स साइड लोडिंग करते हैं अर्थात् अपने मोबाईल में किसी दूसरे के मोबाईल या लैपटॉप से एप्लिकेशन ट्रांसफर कर लेते हैं। इससे हैकर्स मोबाईल से डाटा उड़ा लेते हैं। कोशिश करें कि पायरेटेड गाने, वीडियो, गेम्स और फोटोग्राफ डाउनलोड न करें।

एंड्रॉयड या विंडोज का झंझट खत्म, दोनों OS पर काम करता है ये फोन!




डयूल बूट सिस्टम के तहत आए इस हेंडसेट में एकसाथ चला सकते हैं एंड्रॉयड"र विंडोज"एस


नई दिल्ली। अब आपको विंडोज या एंड्रॉयड स्मार्टफोन में किसी एक को चुनने के झंझट में नहीं पड़ना होगा। क्योंकि अब एक ऎसा स्मार्टफोन आ चुका है जो इन दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है। इस फोन में आप अपनी मर्जी के अनुसार एंड्रॉयड अथवा विंडोज ओएस में काम कर सकते हैं। इस स्मार्टफोन को एलिफोन कंपनी ने वॉवनी नाम से उतारा है। सबसे खास बात इस फोन में दिया गया डयूल बूट सिस्टम है जिसके तहत एक ही समय में यह दोनों ओएस पर Run करता है। इन वर्जन पर करता है काम

Elephone Vowney विंडोज 10 मोबाइल और एंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप ओएस का पर काम करता है। स्मार्टफोन की कीमत 299.99 डॉलर (लगभग 20,000 रूपए) रखी गई है। इस स्मार्टफोन के लिए प्री-आर्डर भी शुरू हो चुके हैं, जबकि बिक्री 30 सितम्बर से शुरू होगी।

फीचर्स भी शानदार
एलिफोन वॉवनी स्मार्टफोन में 5.5 इंच की क्यूएचडी आईपीएस एलसीडी डिस्पले स्क्रीन 1440*2560 पिक्सल रेजोल्युशन के साथ दी गई है। इसमें 2.2 गीगाहर्त्ज मीडियाटेक ऑक्टाकोर एमटी6795 प्रोसेसर, 3जीबी रैम, 64जीबी इ ंटरनल मेमोरी तथा 64 जीबी मेमोरी कार्ड सपोर्ट दिए गए हैं।



बेहतर कैमरा स्मार्टफोन
एलिफोन वॉवनी 20.7 मेगापिक्सल का मेन कैमरा सोनी एक्समोर आईएमएक्स230 सेंसर तथा डयूल एलईडी फ्लैश के साथ दिया गया है। इस कैमरे से 4के वीडियो रिकॉर्डिग की जा सकती है। इसमें आगे की तरफ 8 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है।


जबरदस्त बैटरी से लैस
यह एक ड्यूल सिम हैंडसैट है जिसमें 4200 एमएएच की रिमूवेबल बैटरी दी गई है। इसमें रियर कैमरे के पास फिंगप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है। कनेक्टिविटी फीचर्स के तौर पर इसमें 3जी, जीपीआरएस/ईडीजीई, जीपीएस/ए-जीपीएस, ब्लूटुथ, वाई-फाई तथा माइक्रोयूएसबी आदि दिए गए हैं। इसें ब्लैक और वाइट रंगों में उपलब्ध कराया जा रहा है।