पानी में गिरे स्मार्टफोन का ऐसे करें इलाज

आपके फ़ोन पर अगर पानी गिरता है या वो पानी में गिर जाता है तो आपकी जान सूख जाती है. उसमें हो सकता है आपके सैकड़ों फोटो और वीडियो होंगे. अगर उनमें से कुछ को सिंक करके सेव नहीं किया होगा तो सब गया पानी में.



अगर स्मार्टफोन पानी में गिर जाए तो क्या उसके डेटा को सेव किया जा सकता है? जानकारों का मानना है कि ऐसा होने पर किसी भी बात की गारंटी नहीं रहती है. लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आपके फ़ोन के डेटा को बचाने में मदद होगी.

जैसे ही आप फ़ोन को पानी से बाहर निकलते हैं तो उसे ऑफ कर दीजिए. पानी में जितनी देर तक फ़ोन रहेगा, डेटा के बचाने की उम्मीद उतनी ही कम होती जाएगी.

जितनी जल्दी फ़ोन को ऑफ कर देंगे, उतना बेहतर होगा. अगर फ़ोन ऑन है तो बैटरी निकाल दीजिए. उसके बाद उसे सुखाना ज़रूरी है. पानी में भीगते ही अपने फ़ोन से मेमोरी कार्ड और बैटरी निकाल लें.

जो भी फ़ोन के पार्ट अलग हो सकते हैं - बैक कवर, बैटरी, सिम कार्ड, SD कार्ड - उन्हें अलग कर लीजिये ताकि उससे पानी निकल जाए. उनमें से जो भी गीला दिख रहा है उसे थोड़ी मेहनत करके सूखे तौलिये से सुखा लीजिए. कुछ लोग हेयर ड्रायर के भी इस्तेमाल की सलाह देते हैं.

अगर आपके पास दूसरा हैंडसेट है तो सिम कार्ड को सुखा कर उसमे डाल दीजिए ताकि आपका फ़ोन काम करने लगे. और उसके बाद स्मार्टफोन को सुखाने के लिए कुछ दिनों के लिए बिल्कुल सूखी जगह पर रख दीजिए जहां नमी बिलकुल भी नहीं हो.

ये सुझाव भी कारगर पाया गया है कि फ़ोन को चावल के कनस्तर में रख दे ताकि चावल के दाने उसकी नमी सोख लें.

कुछ कंपनियां फ़ोन को पानी से बचाने के लिए किट भी बेचती हैं लेकिन उनके काम करने की कोई गारंटी नहीं है.
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स्लो मोबाइल को स्मार्ट बनाने के 6 नुस्ख़े

स्मार्टफ़ोन और टैबलेट को स्मार्ट बनाए रखने के लिए उसमें हर समय स्टोरेज के लिए पूरी जगह होनी चाहिए. चंद मिनट लगाकर आप अपने स्मार्टफ़ोन और टैबलेट में हमेशा ख़ाली जगह रख सकते हैं.




1. डिलीट करें ग़ैर-ज़रूरी ऐप

आप जो ऐप कम इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हटा दें. हर कुछ दिनों पर नज़र डालते रहें कि कौन-सा ऐसा ऐप है जो आप अक्सर इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उसे डिलीट कर दीजिए, अगर ज़रूरत हो तो दोबारा अपलोड कर सकते हैं. अक्सर फ़ोन कंपनियाँ कई फ़ालतू ऐप लोड कर देती हैं, उन्हें हटा दें.






2. व्हाट्सऐप के फ़ोटो डिलीट करें



पुराने फ़ोटो और वीडियो को हमेशा डिलीट करते रहना चाहिए, ख़ास तौर पर वैसे फ़ोटो और वीडियो जो व्हाट्सऐप या दूसरे चैटऐप के ज़रिए आए हैं जिन्हें एक बार देखने के बाद उनका कोई और काम नहीं है.


3. गाने म्यूज़िक स्ट्रीमिंग पर रखें



गानों को म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप पर ही रखें, ढेर सारे ऐसे ऐप हैं जहाँ आप अपनी पसंद की प्लेलिस्ट बना सकते हैं. फिर फोन की मेमरी पर हेवी म्युज़िक फ़ाइलें रखने का कोई ख़ास फ़ायदा नहीं है.


4. वीडियो सेच-समझकर सेव करें

वीडियो फ़ाइलें बहुत जगह लेती हैं, उन्हें फोन की मेमरी में संजोकर रखने के बारे में एक और ग़ौर से सोचें, अगर बहुत ज़रूरी हो तो तभी वीडियो फ़ाइल सेव करें.
5. डाउनलो़ड डायरेक्टरी, कैश चेक करें




अपनी डाउनलोड डायरेक्टरी और कैश मेमरी चेक करते रहें, डायरेक्टरी आपको फ़ाइल साइज़ बताती है, बड़ी फ़ाइलें पहले डिलीट करने पर जगह बनाना आसान हो जाता है.

ऐसे कई ऐप हैं जिनकी मदद से आप अपने फ़ोन की सफ़ाई कर सकते हैं जेसे एंड्रॉयड के लिए क्लीन मास्टर और एप्पल के लिए बैटरी डॉक्टर.



6. होम स्क्रीन फ़्री करें

होम स्क्रीन पर कम से कम ऐप रखें. ऐसे कई ऐप हैं जिनकी मदद से आप अपने फ़ोन की सफ़ाई कर सकते हैं जेसे एंड्रॉयड के लिए क्लीन मास्टर और एप्पल के लिए बैटरी डॉक्टर.

अगर आप इन नुस्खों का ध्यान रखें तो आपका मोबाइल फ़ोन असल में स्मार्ट बना रहेगा और नई चीज़ डाउनलोड-अपलोड करने में हैंग नहीं होगा.

फ़ेसबुक पर ऑटोमॅटिक चलने वाले वीडियो को कैसे रोके

फ़ेसबुक लोगों को खुद से जोड़ने के लिए आये दिन नए-नए प्रयोग करता रहता है, जिनमें से एक है फ़ेसबुक पर वीडियो का अपने आप चल जाना. बेशक ये फ़ीचर काफ़ी सराहने योग्य है पर बहुत से लोगों को इससे काफ़ी चिढ़ भी है. इसकी वजह इंटरनेट डाटा का बेवजह खर्च होना है. आज हम आपको फ़ेसबुक पर चलने वाले वीडियो को रोकने के उपाए बता रहे हैं.
फ़ेसबुक पर लॉगिन करके 'सेटिंग्स' पर जाइये. उस पर क्लिक करके 'जनरल अकाउंट सेटिंग' पर जाइये. स्क्रीन के बायीं ओर आपको सेटिंग्स बदलने के कई ऑप्शंस दिखाई देंगे. उनमें सबसे नीचे होगा 'वीडियो'. वीडियो पर क्लिक करके 'वीडियो सेटिंग्स' में जाइये, वहां आपको दो विकल्प दिखाई देंगे. एक होगा 'वीडियो डिफ़ॉल्ट क्वालिटी' जिसे बस आपको 'SD Only' पर करना है और उसके नीचे 'ऑटो-प्ले वीडियो' को 'ऑफ़' करना है. लीजिये मिल गया अपने आप चलने वाले वीडियो से छुटकारा.
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बढ़ाएं अपने स्मार्टफोन की स्पीड

स्मार्टफोन का शौक़ीन कौन नहीं है। आजकल शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके पास स्मार्टफोन न हो। स्मार्टफोन हमारी जरुरत बन चुका है। स्मार्टफोन से हमारे कई काम आसान हो जाते हैं। स्मार्टफोन के जरिए हम अपने मेल चेक कर सकते हैं, सोशल मीडिया से जुड़े रह सकते हैं।




इतना ही नहीं किसी अंजान जगह पर जाने में मैप्स हमारी मदद करते हैं। हम अपने फ़ोन में कई तरह के गेम खेल सकते हैं, डाउनलोडिंग कर सकते हैं और भी काफी कुछ। लेकिन कई बार हमारा स्मार्टफोन इन सब लोड के चलते काफी स्लो हो जाता है। जिससे हमें खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।

अपने स्मार्टफोन का फर्मवेयर अपडेट करें
अपने स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाने के लिए आप अपने फ़ोन का फर्मवेयर अपडेट कर सकते हैं। ये आपके फ़ोन बग्स को फिक्स करता है। नए फीचर्स को जोड़ता है और अन्य चीजें जो आपको नहीं पता हो उन्हें भी ठीक करता है। इसलिए इसे टाइम पर करते रहना सही होगा।


अपने फोन को रिसेट करें
आप अपने फ़ोन को रिसेट कर सकते हैं। इससे आपका फोन फिर से वैसे ही हो जाएगा जैसे कि पहले था जब आप उसे खरीदा था। लेकिन ये एक टेम्पररी ऑप्शन है।

इंटरनल मेमोरी चेक करें
अपने फ़ोन की इंटरनल मेमोरी को चेक करें। कई बार इंटरनल मेमोरी में स्पेस कम होने की वजह से भी फोन स्लो होने लगता है। आप अपने फ़ोन से म्यूजिक, पिक्चर्स आदि को मेमोरी कार्ड में सेव कर सकते हैं।

क्लीनिंग एप
फोन की स्लो स्पीड को फिर से बढ़ाने के लिए गूगल प्ले स्टोर में कई तरह की एप्स मौजूद हैं। आप इन एप्स को डाउनलोड कर अपने फोन को क्लीन कर सकते हैं।

Widgets ऑफ करें
Widgets आपके फोन में लाइव अपडेट्स देते रहते हैं। ये इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल कर आपकी फोन स्क्रीन पर लाइव अपडेट्स भेजते हैं। ऐसे में फोन स्लो काम करने लगता है। साथ ही, ये बैटरी भी कन्ज्यूम करता है। अगर आप इन लाइव अपडेट्स का इस्तेमाल नहीं करते तो फोन स्क्रीन से इन्हें रिमूव करें। स्लो स्मार्टफोन फास्ट हो जाएगा।


बैकग्राउंड प्रोसेस
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐप्स अपने आप अपडेट होते रहते हैं। इसमें बैकग्राउंड प्रोसेस चलते ही रहता है। इससे फोन स्लो होता है और बैटरी भी जल्दी खत्म होती है। इसके लिए आप Limit background processes ऑप्शन पर जाकर इसमें से केवल 1 या 2 प्रोसेस को सिलेक्ट करें।

पावर ऑफ
हफ्ते में कम से कम 1 बार अपना फोन रीस्टार्ट करें। इंटरनेट के इस्तेमाल से कई सारे जंक फाइल्स फोन में सेव हो जाते हैं ऐसे में फोन की स्पीड कम हो जाती है। रीस्टार्ट करने से फोन की ये समस्या खत्म होती है और इसकी स्पीड बढ़ जाती है।

अतिरिक्त एप्स को अनइंस्टाल करें
अपने फ़ोन से उन सभी एप्स को अनइंस्टाल कर दें जिनकी आपको ज्यादा जरुरत नहीं है। ये एप्स फोन में काफी स्पेस लेती हैं और साथ ही फोन की स्पीड कम कर देती हैं।

ईमेल आईडी को हैक होने से कैसे बचाएं ये हैं

गत कुछ वर्षों से भारत में आनलाईन डॉटा हैकिंग काफी बढ़ गई है। 2012 में भारत में एक पिज्जा रिटेलर साइट टर्किश हैकर ग्रुप ने हैक कर ली थी। बिजनेस स्टैंटर्ड की माने तो इसमें लगभग 37,0000 एकाउंट्स हैक किए गए थे, जिसमें कस्टमर्स के नाम, फोन/मोबाईल नंबर, ईमेल आईडी व पासवर्ड थे। आज के समय में साईबर सुरक्षा बहुत ही जरूरी है। कुछ समय पहले ही महानायक अमिताभ बच्चन का ट्विटर अकाउंट हैक कर उसपर सेक्स ​वेबसाइट के लिंक पोस्ट किए जाने लगे जिसके बारे में स्वयं बच्चनजी ने जानकारी दी।


आज बढ़ती तकनीक ने सबकुछ ऑनलाइन कर दिया है। जहां यह एक ओर सुविधाजनक हुआ है तो दूसरी ओर आपके डॉटा के हैक होने की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है जिसके बारे में सतर्कता बहुत ही जरूरी है। बिल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और खरीदारी तक सबकुछ इंटरनेट से होने लगा हैं। अब तो जरूरी जानकारियां भी ईमेल पर ही होती हैं। ऐसे में, यदि आपकी ईमेल आईडी हैक हो जाए तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। अतः बचाव के लिए आपकी सर्तकता बहुत जरूरी है। इसके लिए निम्न 10 उपाय अपनाकर आप अपनी ईमेल आईडी को हैकिंग से बचा सकते हैं।


पासवर्ड बदलते रहें
कोशिश करें कि नियमित अंतराल पर 1-2 माह में अपने पासवर्ड को बदलते रहें। प्रयास करें कि प्रत्येक बार नया पासवर्ड बनाएं। संवेदनशील जानकारियां जैसेकि वित्तीय, क्रेडिट/डेबिट कार्ड व हेल्थ आदि का पासवर्ड अन्य से अलग रखें। इसका उपयोग दूसरी साइट्स में न करें। पासवर्ड बनाते समय अल्फान्यूमैरिक व स्पेशल कैरेक्टर्स आदि का उपयोग करें। पासवर्ड बनाते समय सिक्योरिटी प्रश्न और उत्तर को अधिक स्ट्रांग रखने की कोशिश करें। लंबे समय से प्रयोग न होने वाले खातों या सोशल नेटवर्किंग साइट को बंद कर दे ताकि हैकर इसका फायदा न उठा सके।

ड्युल सिक्योरिटी 
ईमेल अकाउंट को अधिक सुरक्षित रखने के लिए डुअल सिक्योरिटी का सहारा ले। इसमें जब भी आप ईमेल खोलने के लिए आईडी और पासवर्ड डालेंगे तो आपको एक अडिशनल कोड मोबाइल पर मिलेगा। इसके उपयोग के बाद ही मेल ओपन होगा। मोबाईल में किसी दूसरे के सिम का उपयोग न करें।

एंटी वायरस का करे 
उपयोग मोबाईल, टैब, कंप्यूटर आदि में नियमित रूप से एंटी वायरस एप्लिकेशन का उपयोग करें और समय-समय पर डाटा को स्कैन भी करते रहें।

अन्य स्थानों पर न खोले अपनी ईमेल आईडी 
अपने ईमेल आईडी अनजान पीसी जैसे साईबर कैफे, पुस्तकालय, मित्र या रिश्तेदार के पीसी व मोबाइल आ​दि पर न खोलें। इससे भी ईमेल आईडी हैक होने का खतरा बन जाता है। मजबूरी में यदि दूसरे के पीसी/मोबाईल का इस्तेमाल करना भी पड़े तो प्राइवेट ब्राउजिंग का सहारा लें। इससे आपके ईमेल आईडी व व्यक्तिगत विवरण के हैक होने का खतरा कम हो जाएगा।


मजबूत पासवर्ड 
कोशिश करें कि आपकी ईमेल आईडी का पासवर्ड अलग किस्म का, लंबा, अंग्रेजी के छोटे और बड़े दोनों तरह के अक्षरों का कॉम्बिनेशन, अल्फान्यूमैरिक व स्पेशल कैरेक्टर्स सहित हो। पासॅवर्ड में स्पेस बार का उपयोग करें। अलग-अगल आईडी के लिए भिन्न-भिन्न पासवर्ड का उपयोग करें।

ओपेन वाईफाई के उपयोग से बचें 
कोशिश करें कि ओपन वाईफाई का उपयोग न करें। इसमें आपके मोबाइल, कंप्यूटर और टेबलेट में वायरस भेजा जा सकता है जिससे उनके हैक का खतरा बढ़ जाता हैं। वाईफाई हॉटस्पॉट को खुला न छोडें। अपने मेल या एसएमएस में भी अपने आईडी या पासवर्ड का उपयोग न करें।

अनजान ईमेल खोलने से परहेज 
अलग सब्जेक्ट वाली अनजान ईमेल को न खोलें। चूंकि यह वायरस हो भी सकता है जोकि आपके ईमेल अकाउंट तथा डाटा को हैक कर सकता है। मोबाईल से ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करते हैं तो कई बार ऐसा वायरस आपके बैंक अकाउंट तक को हैक कर लेता है। इनाम या लॉटरी वाली ईमेल पर कभी क्लिक न करें। इससे आपकी मेल हैक होने की पूरी संभावना होती है।

मोबाईल यूज से पहले और बाद अगर आप मोबाईल रिपेयर के लिए देते हैं या फिर बेचते है तो कोशिश करें कि फैक्ट्री डाटा रीसेट या हार्डबूट करें। दूसरी ओर, अगर नया मोबाईल लेते है तो ईमेल आईडी सेट करने से पूर्व जांच लें कि उसमें कुछ पहले से न हो।

ब्लूटूथ बंद रखें 
मोबाईल का ब्लूटूथ सदैव ऑन न रखें। जरूरत के समय ही इसे ऑन करें। ब्लूटूथ को हमेशा ऑन रखने से भी वायरस का खतरा रहता है।

साइड लोडिंग से करें परहेज 
प्रायः यूजर्स साइड लोडिंग करते हैं अर्थात् अपने मोबाईल में किसी दूसरे के मोबाईल या लैपटॉप से एप्लिकेशन ट्रांसफर कर लेते हैं। इससे हैकर्स मोबाईल से डाटा उड़ा लेते हैं। कोशिश करें कि पायरेटेड गाने, वीडियो, गेम्स और फोटोग्राफ डाउनलोड न करें।

एंड्रॉयड या विंडोज का झंझट खत्म, दोनों OS पर काम करता है ये फोन!




डयूल बूट सिस्टम के तहत आए इस हेंडसेट में एकसाथ चला सकते हैं एंड्रॉयड"र विंडोज"एस


नई दिल्ली। अब आपको विंडोज या एंड्रॉयड स्मार्टफोन में किसी एक को चुनने के झंझट में नहीं पड़ना होगा। क्योंकि अब एक ऎसा स्मार्टफोन आ चुका है जो इन दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है। इस फोन में आप अपनी मर्जी के अनुसार एंड्रॉयड अथवा विंडोज ओएस में काम कर सकते हैं। इस स्मार्टफोन को एलिफोन कंपनी ने वॉवनी नाम से उतारा है। सबसे खास बात इस फोन में दिया गया डयूल बूट सिस्टम है जिसके तहत एक ही समय में यह दोनों ओएस पर Run करता है। इन वर्जन पर करता है काम

Elephone Vowney विंडोज 10 मोबाइल और एंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप ओएस का पर काम करता है। स्मार्टफोन की कीमत 299.99 डॉलर (लगभग 20,000 रूपए) रखी गई है। इस स्मार्टफोन के लिए प्री-आर्डर भी शुरू हो चुके हैं, जबकि बिक्री 30 सितम्बर से शुरू होगी।

फीचर्स भी शानदार
एलिफोन वॉवनी स्मार्टफोन में 5.5 इंच की क्यूएचडी आईपीएस एलसीडी डिस्पले स्क्रीन 1440*2560 पिक्सल रेजोल्युशन के साथ दी गई है। इसमें 2.2 गीगाहर्त्ज मीडियाटेक ऑक्टाकोर एमटी6795 प्रोसेसर, 3जीबी रैम, 64जीबी इ ंटरनल मेमोरी तथा 64 जीबी मेमोरी कार्ड सपोर्ट दिए गए हैं।



बेहतर कैमरा स्मार्टफोन
एलिफोन वॉवनी 20.7 मेगापिक्सल का मेन कैमरा सोनी एक्समोर आईएमएक्स230 सेंसर तथा डयूल एलईडी फ्लैश के साथ दिया गया है। इस कैमरे से 4के वीडियो रिकॉर्डिग की जा सकती है। इसमें आगे की तरफ 8 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है।


जबरदस्त बैटरी से लैस
यह एक ड्यूल सिम हैंडसैट है जिसमें 4200 एमएएच की रिमूवेबल बैटरी दी गई है। इसमें रियर कैमरे के पास फिंगप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है। कनेक्टिविटी फीचर्स के तौर पर इसमें 3जी, जीपीआरएस/ईडीजीई, जीपीएस/ए-जीपीएस, ब्लूटुथ, वाई-फाई तथा माइक्रोयूएसबी आदि दिए गए हैं। इसें ब्लैक और वाइट रंगों में उपलब्ध कराया जा रहा है।





अब आपकी प्राइवेट व्हाट्सएप चैट में घुसपैठ करेंगे अनजाने नंबर


अब तक आपका व्हाट्सएप बिल्कुल सेफ था, आप आराम से इस पर प्राइवेट चैट कर सकते थे, लेकिन अब आप की प्राइवेसी में घात लग सकती है। अब फेसबुक और फोन एसएमएस की तरह व्हाट्सएप भी प्राइवेट से पब्लिक प्लेटफॉर्म बन सकता है, क्योंकि अब कंपनी इसे बिजनेस के लिए ओपन करने पर विचार कर रही है। जिसके बाद आपको विज्ञापनों के मैसेज भी भेजे जाएंगे।

जानिए क्या करने वाला है व्हाट्सएप...
पिछले काफी वक्त से ये खबरें आ रही है कि व्हाट्सएप अब अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए इसे बिजनेस-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। आपको बता दें कि व्हाट्सएप अब तक एड फ्री और पूरी तरह से प्राइवेट था, जिस पर केवल आपके पर्सनल मैसेजेस ही आते थे। लेकिन अगर इसे बिजनेस के उद्देश्य से ओपन कर दिया गया तो जिस तरह आपके मोबाइल पर कंपनियों के एसएमएस आते हैं, ठीक उसी तरह व्हाट्सएप पर भी आने लगेंगे।

जानिए व्हाट्सएप में और क्या हो सकते हैं बदलाव...
एक अंग्रेजी साइट में छपी खबर में बताया गया था कि फेसबुक के चीफ फाइनेंशल ऑफिसर डेविड वेहनर के हवाले से इस योजना का खुलासा बेस्टन की एक टेक कॉन्फ्रेंस में किया गया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप में कुछ नए फीचर्स भी जोड़े जाएंगे, जिनका फेसबुक मैैसेंजर के साथ टेस्टिंग किया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में फेसबुक मैसेंनजर पर वीडियो कॉलिंग आने के बाद व्हाट्सएप पर भी वीडियो कॉलिंग जल्द लॉन्च होने की खबरें थी।

वाट्स एप में कैसे शेयर करें कांटेक्‍ट, लोकेशन और मैसेज ?



वाट्स ऐप में फोटो और मैसेज शेयर करने के अलावा आप अपना लोकेशन और फोन नंबर भी शेयर कर सकते हैं, ये काफी यूज़फुल फीचर है, ज्‍यादातर लोग वाट्स ऐप में फोटो, वीडियो शेयर करते हैं, मानलीजिए आप किसी ऐसे शहर में हैं जहां के बारे में आपको ज्‍यादा जानकारी नहीं है और आप अपने दोस्‍त को अपनी लोकेशन बताना चाहते हैं तो इसके लिए बस वाट्स ऐप में एक क्‍लिक से अपनी लोकेशन किसी को भी भेज सकते हैं।

या फिर अपने फोन में सेव कोई कांटेक्‍ट किसी को भेजना है तो इसके लिए कॉपी पेस्‍ट के बिना अपने कांटेक्‍ट वाट्स एप में शेयर कर सकते हैं। आईए जानते हैं वाट्स में कैसे शेयर करें अपनी लोकेशन, ऑडियो और कांटेक्‍ट।



  • पहली स्‍टेप सबसे पहले वाट्स एप चैट ओपेन करें


  • इसके बाद ऊपर दी गई अटैच बटन पर क्‍लिक करें


  • फिर आप जो भी सेंड करना चाहते हैं उस ऑप्‍शन को सलेक्‍ट करें जैसे

  • Gallery ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके आप अपने फोन में सेव फोटो शेयर कर सकते हैं।

  • Photo ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके आप अपने फोन कैमरा से सीधे फोटो खींच कर उसे सेव कर सकते हैं।

  • छठवीं स्‍टेप Video ऑप्‍शन सलेक्‍ट करे आप फोन में सेव वीडियो सीधे भेज सकते हैं।

  • सातवीं स्‍टेप Audio ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके आप अपनी वॉयस रिकार्ड करके भेज सकते हैं।

  • Location ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके आप अपनी करेंट लोकेशन भेज सकते हैं बस इसके लिए अपने फोन की सेटिंग में लोकेशन ऑप्‍शन ऑन रखें।

  • Contact ऑप्‍शन सलेक्‍ट करके आप फोन में सेव कांटेक्‍ट सीधे वाट्स ऐप में शेयर कर सकते हैं।

बिना सिम के फोन में कैसे इंस्‍टॉल करें वाट्स एप ?


  1. बढ़ाएं अपने स्मार्टफोन की स्पीड - New!
  2. अपनी पर्सनल वॉट्सऐप(whatsapp) चैट को कैसे सुरक्षित रखें
  3. स्लो मोबाइल को स्मार्ट बनाने के 6 नुस्ख़े - New!

बिना सिम के वाट्सएप यूज़ करने का मतलब ये नहीं कि बिना किसी नंबर के इसे अपने फोन में इंस्‍टॉल कर सकते हैं।बल्‍कि बिना अपने फोन नंबर के वाट्स एप फोन में चला सकते हैं। यानी फेक नंबर पर वाट्स एप रन करेगा। इससे आप अपने पर्सनल नंबर से दूसरे फोन में वाट्सएप प्रयोग कर सकते हैं।

  • सबसे पहले अपने फोन में इंस्‍टॉल वाट्स एप को अनइंस्‍टॉल करें।
  • अब फोन में दोबारा में जाकर वाट्स एप फिर से इंस्‍टॉल करें।
  • एंड्राइड यूजर गूगल प्‍ले(Android Users) से डाउनलोड कर सकते है 
  • वाट्सएप इंस्‍टॉल हो जाने के बाद उसे एक्‍टीवेट मत करें उससे पहले अपने फोन की मैसेजिंग सर्विस को बंद कर दें। इसके लिए फोन को Flight Mode में डाल दें।
  • इसके बाद फोन में अपना नंबर वैरिफाइ करने के लिए आपको अलटरनेट तरीका अपनाना पड़ेगा। इसके लिए "Check through SMS" का ऑप्‍शन चुनें और अपना मेल आइडी डालें।
  • अब क्‍लिक बटन को दबाने के बाद तुरंत उसे कैंसिल भी कर दें इससे authorization का प्रोसेस कैंसिल हो जाएगा।
  • अब अपने फोन में गूगल प्‍ले से Spoof Messages app इंस्‍टॉल करें। 
  • अब एप्‍लीकेशन के आउटबॉक्‍स में जाकर मैसेज की डिटेल कॉपी करें और +447900347295 पर भेज दें। मैसेज में कंट्री कोड, अपना मोबाइल नंबर और मेल आईडी भी लिखें।
  • इस मैसेज के बाद आपके पास एक फेक नंबर आ जाएगा, जिससे वाट्सएप में डालकर आप दूसरे नंबर पर इसे प्रयोग कर सकते हैं।

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मोबाइल फोन से हो सकेंगे बैंक पेमेंट

मोबाइल फोन को अधिक से अधिक उपयोगी बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस सिस्‍टम लांच किया है जिसकी मदद से यूजर अपने सभी एकाउंट को एक ही जगह से एक्‍सेस कर सकता है।

इसके अलावा यूजर इस सिस्‍टम की मदद से पैसे भी निकाल सकता है, मगर यूजर के पास इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए।

इसके लिए NPCI ने एक एप भी लांच की है, अगर बोस्‍टन कंसलटिंग ग्रुप की रिपोर्ट की मानें तो अगले तीन सालों में ई कामर्स इंडस्‍ट्रीज 16-17 बिलियन डॉलर पर बढ़ने की उम्‍मीद की जा रही है। जिसे देखते हुए कम से कम कैश प्रयोग करने पर बल दिया जा रहा है। नए पेमेंट सिस्‍टम को 4 से 4 महिनों तक पॉयलेट प्रोजेक्‍ट के रूप में चलाया जाएगा।

स्‍मार्टफोन से खुलेगा आपके घर का ताला



स्‍मार्टफोन, स्‍मार्टवॉच के बाद अब स्‍मार्टलॉक आपके घर की सुरक्षा करेगा, स्‍मार्टलॉक को 'August' नाम की कंपनी ने बनाया है। इस लॉक को सिर्फ वहीं खोल सकेंगे जो एप्‍लीकेशन में रजिस्‍टर्ड होना यानी आप चाहें तो अपने परिवार के सद्स्‍य भी इस लॉक को ओपेन कर सकते हैं।




लॉक के लिए फोन में एक एप्‍लीकेशन डाउनलोड करनी होगी मगर र्सिफ एप्‍लीकेशन डाउनलोड करने से काम नहीं चलेगा इस एप में एक खास कोड डालना होगा जो सिर्फ एक ही व्‍यक्ति जनरेट कर सकेगा। मान लीजिए घर के 4 लोगों ने August लॉक एप्‍लीकेशन डाउनलोड कर ली मगर वो तभी एप की मदद से लॉक खोल सकेंगे जब एप में वे खास कोड डालेंगे। यहां तक आप कोड का टाइम भी सेट कर सकते हैं जब वो टाइम खत्‍म हो जाएगा तो अपने आप उस व्‍यक्ति के पास से लॉक कोड एक्‍सेस खत्‍म हो जाएगा।



  • कंपनी इस स्‍मार्टलॉक को अगस्‍त नाम की कंपनी ने बनाया है जिसे स्‍मार्टफोन एप की मदद से यूज़ कर सकते हैं।

  • लॉक के दो मॉडल बाजार में पेश किए गए हैं जिसकी कीमत $250 और $250 रुपए है।

  • स्‍मार्टलॉक को फोन की मदद से खोल सकते हैं इसके लिए फोन में स्‍मार्टलॉक एप डाउनलोड करनी पड़ती है जिसे गूगल प्‍ले स्‍टोर से फ्री में कर सकते हैं। 

  • स्‍मार्टलॉक को अलग-अलग रंगों में लांच किया गया है। यानी आप अपने दरवाजों के कलर को ध्‍यान में रखते हुए स्‍मार्टलॉक लगा सकते हैं। 



  • लॉक में लिड लाइट लगी हुई है जो मैन्‍यूअल लॉक ओपेन करने में आपको इस बात की जानकारी देती है कि लॉक किस दिशा में खुलना है। 



Read more at: http://hindi.gizbot.com/news/this-smartphone-app-can-unlock-your-doors-008356.html

कुछ महत्वपूर्ण एंड्राइड फीचर्स जिसकी जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए


 ज्‍यादातर एंड्रायड स्‍मार्टफोन में एक जैसे फीचर होते हैं खासकर फोन के इंटरफेस की बात करें तो लगभग आपको एक जैसा अनुभव ही मिलेगा। आप भले ही कई सालों से एंड्रायड फोन का यूज़ क्‍यों न कर रहे हों लेकिन इसके बाद भी ऐसे कई फीचर आपके फोन में हैं जिनके बारे में शायद आपको जानकारी न हो। इन फीचरों की मदद से आप अपने एंड्रायड फोन को ज्‍यादा बेहतर तरीके से यूज़ कर सकते हैं।

क्रोम (एंड्राइड डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र ) में अपना बैंडविथ सेट करें : 
अगर आप इंटरनेट डेटा कंप्रेस करके काम उसे  करना चाहते हैं तो इसके लिए क्रोम में "Reduce Data Usage" का प्रयोग कर सकते हैं ये आपके ब्राउजर में खुलने वाली इमेल को छोटे फार्मेट में ओपेन करेगा जिससे फोन में कम इंटरनेट डेटा खर्च होगा।

गूगल नाओ(Google Now) सेट करें:
गूगल नाओं एक तरह से आपके पर्सनल एसिस्‍टेंट की तरह काम करता है, आप अपने गूगल नाओं एकाउंट की मदद से स्‍टॉक, स्‍पोर्ट और कई दूसरी चीजों के नोटिफिकेशन सेट कर सकते हैं।

लॉक स्‍क्रीन बदलें: 
अगर आप फोन को एक जैसी स्‍क्रीन बोर हो गए हैं तो गूगल प्‍ले में जाकर ढेरों तरह की लॉक स्‍क्रीन दी गई हैं जिन्‍हें आप अपने फोन की थीम के हिसाब से डाउनलोड कर सकते हैं।

गूगल क्रोम में साइन इन करें:
क्रोम में कुछ भी सर्च करते टाइम गूगल में साइन आउट करना मत भूल इससे आपको सर्च करते में ज्‍यादा सहूलियत होंगी क्‍योंकि आपके द्वारा सर्च किया गया पहले का डेटा जल्‍दी आ जाएगा।


ऐप फोल्‍डर में आर्गेनाइजर करें: 
अगर आपके फोन की स्‍क्रीन ऐप से भर गई है तो उसे अलग अलग फोल्‍डर में सेव कर सकते हैं। जैसे गेम्‍स फोल्‍डर में सारी गेम्‍स ऐप सेव कर सकते हैं।


पॉवर सेविंग मोड : 
एंड्रायड फोन में सबसे ज्‍यादा दिक्‍कत बैटरी बैकप की होती है, इसके लिए हर एंड्रायड फोन में पॉवर सेविंग मोड ऑप्‍शन होता है जिसकी मदद से आप अपने फोन का बैकप टाइम बढ़ा सकते हैं।

स्‍मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के टिप्स

बैटरी लाइफ किसी भी गैजैट के लिए सबसे बड़ी प्रॉब्‍लम है, खासकर एंड्रायड डिवाइसेस में बैटरी खत्‍म होना एक आम समस्‍या है। चाहे आप ४० हजार का स्‍मार्टफोन लें या फिर ४ हजार का, फोन में बैटरी खत्‍म होने के कई कारण होते है ।

जैसे की बैकग्राउंड में एप्‍लीकेशन (application) का चलना , फोन स्क्रीन में ज्‍यादा ब्राइटनेस (Brightness)  रखना , जीपीएस (GPS)ऑन रखना। इसके अलावा एंड्रायड डिवाइसेस में बैटरी खत्‍म होने के कई सारे कारण भी हो सकते हैं। अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं या फिर ट्रेवल कर रहे हैं तो नीचे दीये गए टिप्स आपकी बैटरी लाइफ बढ़ाने में मदद कर सकते है ।

लोकेशन सेटिंग:
अपने फोन की लोकेशन सेटिंग ऑफ कर दें, फोन लोकेशन के लिए जीपीएस यूज़ करता है जो काफी बैटरी लेता है। कई सारे एप्प्स बेटर परफॉरमेंस के लिए लोकेशन यूज़ करने की परमिशन मांगते है जैसे गूगल सर्च।

बैटरी डेटा पर नजर रखें: 
अपने फोन की सेटिंग में जाकर एप्‍स पर नजर रखें, कौन सी एप्‍लीकेशन कितनी बैटरी खर्च कर रही है। जो एप्लीकेशन ज्यादा बैटरी यूज़ कर रही है यूज़ बैकग्राउंड में न छोड़े





ब्राइटनेस कम रखे :
फोन स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें खासकर रात में, फोन की स्‍क्रीन सबसे ज्‍यादा बैटरी खर्च करती है।
जब आप बाहर जा रहे हो तो ब्राइटनेस को काम रखें एक सही तरीका है बैटरी लाइफ बढ़ाने का ।

फालतू एप्‍स क्लोज करदे:
फोन में जो भी एप्‍लीकेशन यूज़ कर रहे हैं उसे ही ऑन करें, बैकग्राउंड में अन्य एप्‍लीकेशन ओपन करके न छोड़े वरना ये बैकग्राउंड में चलती रहती है और आपके फोन की बैटरी यूज़ करेगी ।

नेटर्वक डेटा (इंटरनेट सेटिंग ): 
नेटवर्क डेटा कालिंग के बाद सबसे ज्यादा बैटरी खर्च करने वाला फीचर है , अगर डेटा जरूरी नहीं है तो आप नेटवर्क डेटा ऑफ करके भी बैटरी बचा सकते है

डिस्‍प्‍ले स्‍लीप : 
फोन की स्‍क्रीन में 15 सेकेंड की डिस्‍प्‍ले स्‍लीप सेटिंग लगाकर रखें, अगर 15 सेकेंड तक आपके फोन में कोई हलचल नहीं होगी तो फोन की स्‍क्रीन अपने आप ऑफ हो जाएगी।


अपनी पर्सनल वॉट्सऐप(whatsapp) चैट को कैसे सुरक्षित रखें

वॉट्सऐप (whatsapp) की मदद से आप फोटो, वीडियो और वॉयस भेज सकते हैं, चैट कर सकते है । यहां तक इसमें फोन में सेव कांटेक्‍ट, बैंक डिटेल भी डायरेक्‍ट भेजी जा सकती हैं, क्या वॉट्सऐप (whatsapp) द्वारा भेजी गई जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित है क्‍या इस बात की गारंटी कोई ले सकता है।

आज हम आपको ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपनी पर्सनल चैट को सुरक्षित रख सकते हैं।

वॉट्सऐप लॉक:
वाट्सएप को आप चाहें तो लॉक करके रख सकते हैं इसके लिए ऑफीशिएल वाट्स ऐप में कोई फीचर नहीं दिया गया है लेकिन थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करके आप वाट्स ऐप में पिन कोड लगा सकते हैं ताकि कोई आपनी निजी चीजें शेयर न कर सके।

वाट्सएप फोटो ब्‍लॉक कर दे :
फोन में वाट्सऐप की कोई भी फोटो डाउनलोड करने पर वो फोन की गैलरी में सेव हो जाती है। इसके लिए आप अपने फोन की प्राइवेसी सेटिंग में जाकर फोटो ऑप्‍शन में लगा टिक मार्क हटा दें जिससे आपके वाट्स एप की फोटो गैलरी में नहीं सेव होगी।

लास्‍ट सीन टाइमस्‍टैंप ऑप्‍शन हटाएं:
अगर आप वाट्सएप की टाइम लाइन हटाना चाहते हैं ताकि आपके दोस्‍तो को ये न पता लगे की आप कब वाट्सएप में आए थे जो इसके लिए वाट्सएप की सेटिंग में जाकर लास्‍ट सीन ऑप्‍शन हटा सकते हैं।

प्रोफाइल पिक्‍चर सिक्‍योर करें:
अगर आप नहीं चाहते कि कोई आपकी प्रोफाइल पिक्‍चर देखें तो इसके लिए वाट्स एप सेटिंग में जाकर प्राइवेसी सेटिंग में प्रोफाइल पिक्‍चर के साइड में दिए गए ऑप्‍शन सेट कर सकते हैं। 


स्‍कैम से बचें :
वाट्सएप कभी भी कोई मेल या फिर प्रमोशनल मेल नहीं भेजता जब तक आप खुद वाट्सएप को कोई मेल न भेजें इसलिए वाट्सएप से अगर कोई मेल आती है तो सावधान रहें। 


फोन खो जाने पर वाट्स एप डीएक्‍टीवेट कर दें :
वाट्सएप को सिर्फ एक ही नंबर से यूज किया जा सकता है इसलिए अगर आपका फोन खो जाता है तो जैसे ही आप सिम ब्‍लॉक करेंगे आपका वाट्स एप भी उस नंबर पर बंद हो जाएगा। 



पर्सनल जानकारी देने से बचें
 कभी भी अपनी कोई निजी जानकारी वाट्स एप पर मत डालें क्‍योंकि वाट्स एप इसकी कोई जिम्‍मेदारी नहीं लेता। 

वाट्स एप लॉग ऑफ रखें
अगर आप पीसी वाट्सएप यूज़ कर रहे हैं तो उसे लॉगऑफ करना मत भूलें।




अब भारत में कहीं भी भेजें फ्री में एसएमएस (SMS)?

दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग सर्विस वॉट्सऐप(whatsapp) ने मोबाइल शार्ट मेसेजिंग सर्विस (SMS) का यूज़ काम कर दिया। अगर आप वॉट्सऐप(whatsapp) का इस्तमाल करते हो और आपके फ़ोन में इंटरनेट है परन्तु आपके दोस्त के फ़ोन में नहीं है तो आप अपने दोस्त को वॉट्सऐप(whatsapp) मैसेज नहीं कर सकते हो।  केवल SMS  के जरिये ही आप मैसेज भेज कर सकते है और SMS का एक्स्ट्रा चार्ज लगता है ।

बेस्‍ट ऐप जो आपके फोन को कर देंगी फास्‍ट


टेंशन न ले इसके लिए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीको के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप  भारत में कहीं भी अपने दोस्त को  फ्री एसएमएस भेज सकते हैं वो भी बिना किसी पेमेंट या फिर एकाउंट रजिस्‍ट्रेशन के।

बस इसके लिए आपके पास (कंप्यूटर या मोबाइल में ) इंटरनेट कनेक्‍शन होना चाहिए।

नीचे दी गईं वेबसाइटों को ओपन करके आप फ्री एसएसमएस भारत में किसी भी नंबर में भेज सकते हैं। इन वेबसाइटों पर आपको एकाउंट या फिर अपना रजिस्‍टर्ड करने की कोई जरूरत नहीं।

www.smsti.in
www.smsmaza.org
www.e-freesms.com
www.bollywoodmotion.com

कैसे करे कंप्यूटर में वॉट्सऐप वेब का इस्तेमाल

कैसे करे कंप्यूटर में वॉट्सऐप वेब का इस्तेमाल

दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग सर्विस वॉट्सऐप(whatsapp) अब कंप्यूटर पर भी उपलब्‍ध हो चुकी है। अब तक आप स्मार्टफोन के जरिए ही वॉट्सेएप का इस्तमाल करते आए हैं लेकिन अब इस सर्विस का इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर कंप्यूटर के जरिए भी कर सकते हैं।

वॉट्सऐप आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए वॉट्सऐप वेब वर्जन की जानकारी यूजर्स की दी गई है। पोस्ट में बताया गया है कि एंड्रॉयड, ब्लैकबेरी और विंडोज यूजर्स जो पहले से अपने मोबाइल में वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं वे कंप्यूटर पर भी वेब वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

वॉट्सऐप को कंप्यूटर पे उसे करना थोड़ा सा मुश्किल काम है , हम यहाँ आपको स्टेप बाय स्टेप बताएँगे की वॉट्सऐप को कंप्यूटर पे कैसे इस्तमाल करे

स्टेप 1:
सबसे पहले आपको यह ‌कन्फर्म करले की करना होगा कि आप अपने स्मार्टफोन में वॉट्सऐप का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। अगर लेटेस्ट वर्जन नहीं है तो अपडेट कर ले  (मोबाइल में वॉट्सऐप अपडेट करने के लिए वॉट्सऐप सेटिंग में जाएं और सिस्टम अपडेट करें। अगर आपके एंड्रॉयड फोन में नई अपडेट दिखाई नहीं दे रही है तो सीधे गूगल प्ले स्टोर पर जाकर वॉट्सऐप सर्च करें और वॉट्सऐप अपडेट करें।)

मोबाइल में वॉट्सऐप अपडेट करने के बाद आपको वॉट्सऐप मेन्यू में एक नया ऑप्शन WhatsApp Web दिखाई देगा।

स्टेप 2:
इसके बाद कंप्यूटर में  गूगल क्रोम ब्राउजर खोलें और वेब एड्रेसबार में web.whatsapp.com टाइप करें। ध्यान रहे वॉट्सऐप वेब वर्जन सिर्फ क्रोम ब्राउजर ही सपोर्ट करता है। इसलिए मोजिला या इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजार पर यह काम नहीं करेगा।

वेब लिंक (क्रोम ब्राउजर में web.whatsapp.com) ओपन होते ही आपको निचे दिखाई गयी स्क्रीन ओपन हो जाएगी, यहां आपको क्यूआर कोड (QR code) ‌दिखाई देगा। अब अपना मोबाइल उठाएं और वॉट्सऐप मेन्यू में जाकर WhatsApp Web विकल्प को चुनें।

WhatsApp Web चुनते ही कैम स्केनर ऑन हो जाता है। अब मोबाइल से कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाले क्यूआर कोड को स्केन करें।

इस तरह आपका फोन और वॉट्सऐप डाटा ब्राउजर से जोड़ जाएगा। आपका वॉट्सऐप मोबाइल डाटा कंप्यूटर से पे आ जायेगा और आप मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर वॉट्सऐप मैसेज देख पाएंगे।


मोबाइल फोन से बैंक पेमेंट अब और आसान

मोबाइल फोन को अधिक उपयोगी बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस सिस्‍टम लांच किया है जिसकी मदद से यूजर अपने सभी एकाउंट को एक ही जगह से एक्‍सेस कर सकता है। इसके लिए NPCI ने एक एप भी लांच की है,

इसके अलावा यूजर इस सिस्‍टम की मदद से पैसे भी निकाल सकता है, यूजर के पास इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड होना चाहिए।

बोस्‍टन कंसलटिंग ग्रुप की रिपोर्ट की मानें तो अगले तीन सालों में ई कामर्स इंडस्‍ट्रीज 16-17 बिलियन डॉलर पर बढ़ने की उम्‍मीद की जा रही है। जिसे देखते हुए कम से कम कैश प्रयोग करने पर बल दिया जा रहा है। नए पेमेंट सिस्‍टम को 4 से 4 महिनों तक पॉयलेट प्रोजेक्‍ट के रूप में चलाया जाएगा।

सावधान ! आपके स्मार्टफोन को ट्रैक कर सकता है यह मालवेयर (एक टाइप का वायरस )

कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन से जुड़े नए तथ्य (fact) का पता लगाया कि कुछ हानिकारक सॉफ्टवेयर (मालवेयर, वायरस ) जीपीएस (GPS)का उपयोग किए बिना सिर्फ बैट्री के उपभोग के आधार पर आपके फोन को ट्रैक कर सकते हैं। जीपीएस से जुड़ी जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए फ़ोन  में पहले से ही अनेक सुविधाएं होती हैं।

एंड्रॉयड (Android) और आईओएस (iOS) ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ता की अनुमति के बगैर जीपीएस  इस्तमाल नहीं करते है । प्रमुख  प्रौद्योगिकी शोध-पत्रिका 'एमआईटी टेक्नोलॉजी रीव्यू' में प्रकाशित एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि कुछ मालवेयर इस तरह की जीपीएस सूचनाओं के बगैर भी आपके फोन को ट्रैक कर सकते हैं।

कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक यान माइकलेव्स्की ने कहा, "हमारा उद्देश्य बिल्कुल नए तरीके से मोबाइल को रियल टाइम में ट्रैक करना था और हमने मोबाइल द्वारा बैट्री के इस्तेमाल के आधार पर नया तरीका ढूंढ निकाला। इसके पीछे वजह यह है कि मोबाइल द्वारा बैट्री का उपभोग उसके नजदीकी आधार केंद्र से दूरी पर निर्भर करता है। शोधकर्ताओं ने गूगल नेक्सस-4 स्मार्टफोन पर यह प्रयोग किया। अनुसंधानकर्ताओं ने आधार केंद्र से 14 किलोमीटर लंबे चार मार्गो पर 43 मोबाइल फोन द्वारा बैट्री उपभोग के आंकड़ों का अध्ययन किया। इस आधार पर अनुसंधानकर्ताओं को मोबाइल के मार्ग का पता लगाने में 93 फीसदी तक सफलता मिली।

सोर्स : इंटरनेट

एंड्रॉयड यूजर्स जरूर पढ़ें -1

जैस-जैसे मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई है, वैसे-वैसे हैकर्स की दिलचस्पी भी मोबाइल की तरफ़ बढ़ी है।

IDC के अनुसार 2014 की तीसरी तिमाही में दुनिया में बिकने वाले 80 % से अधिक फ़ोन एंड्रॉयड ऑपरेटिंग (Android OS) सिस्टम पर चलते है .

दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऑपरेटिंग (OS) सिस्टम होने के कारण, हाल के वर्षों में यह हैकर्स की हस्तक्षेप की वजह बना।

यदि आप लाखों भारतीयों की तरह एंड्रॉयड फ़ोन रख़ते हैं, तो मोबाइल ज्ञान आपके लिए लेकर आ रहा है एंड्रॉयड ऑपरेटिंग (OS) सिस्टम पर ख़ास जानकारी– क्या है हैकिंग और कैसे सुरक्षित रखें अपना फ़ोन और प्राइवेट  डाटा (DATA)?

हैकर्स की पसंदीदा क्यों?

रूस (Russia) की साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्की की मानें तो हैकिंग के बारे में सोचने से पहले हैकर्स तीन बातों पर ध्यान देते हैं–
(1) ज़्यादातर लोग कौन-सा ओएस (Operating System)उपयोग करते हैं
(2) ओएस के प्रोग्राम संबंधित डॉक्यूमेंट उपलब्ध हैं या नहीं
(3) इसमें कुछ कमियां हैं या नहीं।

सिमेंटिक सिक्युरिटी थ्रेट रिपोर्ट 2014 के अनुसार एंड्रॉयड मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने वालों को ऐप डाउनलोड करने और इंस्टॉल करने की अधिक आज़ादी देता है। इस वजह से भी हैकर्स की इस फ्री ओएस में दिलचस्पी बढ़ी है।



कैसे ऐप से है ख़तरा?
हैकिंग का इस्तेमाल कई बार बैंक अकाउंट से पैसे चुराने, किसी व्यक्ति या सरकार-संबंधी डाटा, या निजी डाटा चुराकर बेचने में होता है। इस कारण यह साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता का विषय बना हुआ है।

मोबाइल सुरक्षा कंपनी कूलस्पैन के सीईओ ग्रेग स्मिथ ने 2013 में फोर्ब्स को बताया कि एंड्रॉयड के कुछ विशेषताओं को हैक करना आसान है- जैसे कैमरा और माइक। चिंता की बात यह है कि ऐसे हैकिंग टूल आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

2013 की सिमेंटेक की एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसे सॉफ्टवेयर मुफ़्त मिलते हैं। इसके ज़रिए दूसरे टूल का इस्तेमाल कर उपभोक्ता को ठगने के लिए, नया मैलवेयर तैयार करना आसान होता है जो असली ऐप की तरह दिखता हो।

भारतीय कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) के महानिदेशक डॉ गुलशन रॉय के मुताबिक़ एंड्रॉयड ऐप्स जो आपके एसएमएस पढ़ सकें, आपके ख़र्चे पर दूसरों को प्रीमियम एसएमएस भेज सकें और आपका डाटा चुरा सकें, खतरनाक हैं।

इनकी संख्या बढ़ रही है। अपराधी ऐसे बैंकिंग ट्रॉज़न ऐप भी बना रहे हैं जो आपके फ़ोन से बैंक पासवर्ड जैसी जानकारी चुरा सकते हैं।

डॉ रॉय का कहना है कि हाल के दौर में ऑनलाइन स्टोर, वेबसाइटों, ऑनलाइन फोरम और सोशल मीडिया में आए उछाल से ग़लत मोबाइल ऐप्स को बढ़ावा मिला है।

साइबर अपराधियों ने ऐसे तरीके ख़ोज निकाले हैं, जिससे वे उपभोक्ताओं को प्रेरित करते हैं कि वे मैलवेयर वाला ऐप डाउनलोड करें।

सुरक्षा विशेषज्ञ अजिन अब्राहम का कहना है कि फ्री और अश्लील वीडियो वाले ऐप फ़ोन उपभोक्ताओं को बड़ी आसानी से लुभा लेते हैं।

अब्राहम कहते हैं, ऐसे भी मैलवेयर हैं जो कंपनियों पर ख़ास हमला करने के लिए बनाए जाते हैं। कई ऐप सरकार-समर्थित हमले का हिस्सा हो सकती हैं।

एंड्रॉयड यूजर्स जरूर पढ़ें- 2 :

8 जरूरी सावधानियां


1. 'कुछ भी' न कर लें डाउनलोड (Download)
कोई भी ऐप (App)डाउनलोड करते समय ध्यान रखें कि आप सही वेबसाइट (website )और कंपनी का ऐप ही डाउनलोड करें। जब कोई ख़ास ऐप लांच होता है, हममें से कई उसे तुरंत डाउनलोड कर लेते हैं। इसका फ़ायदा उठाते हुए हैकर्स मिलते-जुलते नाम वाले मैलवेयर (malware)मुहैया बना देते हैं, जिसे कई लोग ग़लती से डाउनलोड भी कर लेते हैं। पता भी नहीं चलता कि कोई तीसरा फ़ोन के ज़रिए उसकी गतिविधियों की जानकारी पा रहा है।


2. ग़ौर से पढ़ें अनुमति (परमिशन) पेज
सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी (CIS) के पॉलिसी डाइरेक्टर प्राणेश प्रकाश के अनुसार ज़रूरी है कि आप ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसका परमिशन पेज पढ़ें। यदि कोई ऐप(Application) आपकी फ़ोन बुक पढ़ने की इजाज़त जैसी ज़रूरत से ज़्यादाअनुमति  (परमिशन)  मांग रहा है, तो इसे इंस्टॉल (Install) न करें।
प्राणेश की राय है कि Free और ओपन सोर्स ओएस का इस्तेमाल करना सही होता है। अन्य प्रकार के ओएस में सुरक्षा दावों की पुष्टि कर पाना आसान नहीं होता।


3. बैकअप (Backup)ज़रूर लें 
डॉ रॉय का कहना है कि फ़ोन डाटा का बैकअप लेना बेहद ज़रूरी है। आखिर अपने डाटा (DATA)की सुरक्षा आपकी भी ज़िम्मेदारी है।


4. गूगल-फ्री (Google Free)एंड्रॉयड के बारे में सोचें
स्वतंत्र रिसर्चर और तकनीकी सलाहकार विक्रम कृष्णा के अनुसार उपभोक्ता वाकिफ़ नहीं होते कि एंड्रॉयड फ़ोन खरीदने पर वे गूगल के साथ समझौता (एग्रीमेंट)में बंध जाते हैं।
किसी भी प्रकार के थर्ड पार्टी ऐप्स इंस्टॉल नहीं कर पाना उपभोक्ता की प्राइवेसी रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण क़दम होता है। मगर थर्ड पार्टी ऐप्स इंस्टॉल करना एंड्रॉयड में आसान होता है।
ऐसे में गूगल के साथ बिना बंधे सुरक्षित रूप से एंड्रॉयड फ़ोन के इस्तेमाल के तरीकों को देखा जा सकता है, जैसे- साइनोजेन मॉड, एफ़-ड्राइड, रेप्लिकैन्ट और दूसरे फॉस ओएस।


5. अपडेट ज़रूर इस्तेमाल करें
कृष्णा कहते हैं कि कोई भी सॉफ्टवेयर एक दिन में नहीं बनता, उसे बार-बार टेस्ट करने की दरकार होती है। इसके बावजूद इसमें कमज़ोरियों की संभावनाएं बनी रहती हैं।
जैसे-जैसे कंपनी को इनकी जानकारी मिलती रहती है, कंपनी अपडेट जारी करती है। इन्हें ज़रूर डाउनलोड कर इंस्टॉल करें। अपडेट हमेशा मुफ़्त होते हैं।


6. एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करें
अपने फ़ोन पर फुल डिवाइस एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करें। हाल ही में लांच सैमसंग, एलजी, एचटीसी, एपल और ब्लैकबैरी स्मार्टफ़ोन (एपल और ब्लैकबैरी एंड्रॉयड का इस्तेमाल नहीं करते) में इस तरह की सुविधा है।
यदि आपके एंड्रॉयड फ़ोन पर ऐसी सुविधा नहीं है तो एन्क्रिप्शन ऐप का इस्तेमाल करें।


7. असुरक्षित वाई-फ़ाई से बचें
आजकल आपको कई जगह वाई-फ़ाई नेटवर्क की सुविधा मिलती है पर ऐसे वाई-फ़ाई नेटवर्क से बचें जिनके सुरक्षित होने के बारे में आपको सही जानकारी न हो।
संवेदनशील डाटा जैसे बैंक अकाउंट नंबर, क्रेडिट कार्ड पासवर्ड पब्लिक वाई-फ़ाई पर कभी शेयर न करें।


8. एंटी-वायरस (Antivirus)ज़रूर रखें
यह कहने की ज़रूरत नहीं कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने पर फ़ोन सुरक्षित रहे इसके लिए एंटी-वायरस ज़रूर रखें। समय-समय पर इसे अपडेट (Update)करते रहें ताकि आपका एंटी-वायरस नए ख़तरों से लड़ने को तैयार रहे।ने ओएस की तुलना में गूगल का ताज़ा 5.0 लॉलीपॉप काफ़ी सुरक्षित है। कई एंड्रॉयड फ़ोन कंपनियां अपडेट जारी नहीं करती, जिससे सीधे उपभोक्ता की सुरक्षा ख़तरे में आ जाती है।